Saturday, July 17, 2010

मुद्दा माता कथा


एक समय देश की राजधानी में पार्षद से लेकर सांसद तक का चुनाव लड़ने वाले, राजनीति को जानने-समझने वाले नेताश्री से छुटभैयों ने पूछा है श्रेष्ठ पुरूष । इस कलियुग में कर्षि की प्राप्ति के लिए क्या सरल उपाय है । हम सब यह जानने की इच्छा रखते है । तब नेता श्री ने कहा है छुट श्रेष्ठ । आपने अपने केरियर के लिए बड़ा अच्छा प्रश्न किया है । लगभग ऐसा ही प्रश्न प्राचीन समय में पार्टी के थिंक टैंक से स्टार प्रचारक नेता ने किया था । एक बार वह कापर ब्रांड नेता छुटभैयो की भलाई की इच्छा से सम्पूर्ण देश में । सरकारी पर्चे पर धूमा । वहाॅ उन्होंने देखा कि कोई व्यक्ति लालबत्ती बिन जाने ही डिप्रेशन में है तो कोई हेलीकाप्टर न मिलने से लो बी.पी. का पेशेन्ट हो गया है । कोई आसपास भीडभाड न होने से टेंशन में है तो कोई उद्घाटन शिलान्यास का फीता न काट पाने के कारण संताप में है । इस प्रकार देश के भावी कर्णधारी को दुखी देखकर वे भी दुखी हो गए और सोचने लगे इनका कष्ट किस प्रकार दूर हो सकाय है । तभी उन्हें पार्टी के थिक टेंक का स्मरण हो गया । और उनसे मोबाईल पर परामर्श करने का सोचने लगे । स्टार प्रचारक के मोबाईल की ध्वनि से थिक टेंक उन्हें पहचान गए और बोले - हे नेता श्रेष्ठ अपने मोबाईल लगने के कारण का वर्णन करों । तब स्टार प्रचारक बोले - हे पार्टी के थिंक टंक । मैं हाल ही में देश भमण का लौटा ही हूँ । वहाँ छुटभैयो का कष्ट मेरे से देखा नहीं गया । कृपया कोई सरल उपाय बतालाएँ ।

भिक टेंक बोले - अपने छोटे नेताओं तथा पार्टी के कल्याण के लिये अच्छी बात पूछी है । इनके दुख के समाधान का एकमात्र सरल उपाय है मुद्दा मख्स की उपासना । जो भी व्यक्ति सच्ची निष्ठा से इस परम दुर्लभ उपासना करता है । उसके सभी कष्ट दूर हो जाते है ं इसमें संदेह नहीं ।

तब नेता श्री ने कहा - यह तो मैं बता चुका । और क्या वर्णन करूँ ।

छुटभैयों की फौज ने कहा - यह उपासना कैसे की जाती है किस विधी से किया क्या फल मिलता यह हम सुनने की इच्छा रखते है ।

तब नेता श्री बोले - जंबूद्वीप के मध्य में एक सम्पन्न व्यक्ति रहता था एक बार वह भ्रमण के लिए पडोस के राज्य में गया । वहाॅ उसने एक व्यक्ति विशेष को विशाल जनसमुदाय से घिरा पाया । वहीं एक मस्त हेलीकाप्टर भी विराजमान था । तब वह अपनी देसी कार को ठहराकर व्यक्ति के पास गया और पूछा है मनुष्य श्रेष्ठ@आप यह क्या कर रहे है तब वह बोला हे पथिक चुनाव निकट होने से मुद्दों की टोटा हो गया है । अतः हम नए-नए मुद्दों के लिए मुद्दा माता की उपासना कर रहे है । हम चाहते है कि कोई ऐसा मुद्दा हासिल हो जिससे पार्टी की विजय श्री की प्राप्ति हो । तब वह पथिक बोला हे आर्य श्रेष्ठ । मुझे भी हेलीकाप्टर नहीं है । आपम ुझे इसकी विधि बताइए ।

उससे मुद्दा माता की उपासना की विधि समझाकर वह व्यक्ति अपने गृह नगर आया और अपने अर्धगनी से कल्पना सुनाया । और कहा जब हमें हेलीकाप्टर हो जाएगा तब हम इसे अवश्य करेंगे ।

कुछ समय बीतने के साथ व्यक्ति की सत्ता नामक कन्या की प्राप्ती हुई फलतः हेलीकाप्टर प्राप्त हो गया। तब उसकी पत्नी ने उसे वचन याद दिलाया । तब वह बोला कि अभी जल्दी क्या है कहकर वह हेलीकाप्टर में बैठकर सेर के लिए निकल पड़ा । पिछे .......... दिनांेदिन ऐसे बढने लगी जैसे चन्द्रमा बढता है । धीरे-धीरे पांच साल बीत गए और पुनः चुनाव का समय आ गया । तब उसकी पत्नी ने पति को मीठे वचनों में मुद्दा माता की याद दिलाई । बतलाया की पुराने मुद्दे भुल चुके है । बेरोजगारी गरीबी, जल संकट, आतंकवाद, मंदिर मस्जिद, मंहगाई आदि बासी हो चुके है आप नए मुद्दे क्यों नहीं लाते । तब पति ने कहा कि दुबारा हेलिकाप्टर मिल जाने पर अवश्य लाउगा । इस प्राकर प्रण करने और लडने के कारण मुद्दा माता रूष्ट हो गई और जनता जनार्धन से कहकर उस व्यक्ति की पार्टी नामक नौका को डुबो दिया ।

नेता श्री बोले - इस प्रकार जो इस मुद्दा माता को साध लेता है । संकट दूर हो जाते है ं पैदल लाल बत्ती पाता है जमीन पर बैठी कुर्सी मुख भोगता है आदि । इसमें संदेह नहीं ।

नेताजी द्वारा दिये गए उपदेश छुटभैयो ने अपने-अपने ढंग से ग्रहण किया और अपने-अपने ठिकानों पर ............................

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